सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कंगना रनौत ने कहा बॉलीवुड है सुशांत की मौत का जिम्मेदार

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद अलग अलग कयास लगाए जा रहे है। महाराष्ट्र पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे फांसी लगा कर आत्महत्या करारा दिया और आगे की जांच चल रही है। वहीं सुशांत सिंह के पिताजी ने सीबीआई जांच की मांग है। उनका कहना है की उनका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता, ये जरूर कोई साजिश है और उनके बेटे की हत्या कि गई है।
जहां सुशांत के फैन्स के बीच मायूसी छाई है। तो वहीं कंगना रनौत ने भी सुशांत की मौत को भी कहा कि इस पर गौर करने की जरूरत है। कंगना का कहना है कि कुछ लोग इस चीज में माहिर होते हैं और एक नरेटिव चला रहे है कि कुछ लोग जिनका दिमाग कमजोर होता है और डिप्रेशन में आकर सुसाइड कर लेते है। लेकिन कैसे एक बंदा जिसने स्टैनफोर्ड से स्कॉलरशिप पाई और इंजीनियरिंग में रैंक होल्डर हो वो इतना कमजोर कैसे हो सकता है।

कंगना का कहना है कि सुशांत अपने पिछले इंटरव्यू और पोस्ट्स में लोग से जाहिर कर रहे है कि उनका फ़िल्म इंडस्ट्री में कोई गॉडफादर नहीं है। उनको इंडस्ट्री से निकल जाने का डर था। उनका यहां कोई अपनाने को तैयार नहीं है। लोग यहां उनको बाहरी मानते है।

कंगना का कहना है कि पिछले 6-7 सालों को देखे तो उनको कोई सम्मान और अवॉर्ड नहीं दिए गए। जिसकी फ़िल्म धोनी, केदारनाथ और छिछोरे जैसी हो फिर भी कोई डेब्यू अवॉर्ड या फिर कोई और अवॉर्ड नहीं दिया गया और वहीं गली बॉय जैसी वाहियात फिल्म को दर्जनों अवॉर्ड दिए जा रहे है। इस इंडस्ट्री में बाहर से आए लोगों को वो सम्मान नहीं दिया जाता जिसके वे हकदार है। 

कंगना आगे कहती है कि इस इंडस्ट्री के लोगों की बात में सुशांत आ गया कि तुम वर्थलेस हो यानी किसी काम के नहीं और वो चाहते है कि इतिहास में लिखा जाए कि सुशांत कमजोर दिमाग का था और उसने आत्महत्या कर ली। 

कंगना चाहती है कि भले ही हम लोगों को फिल्में मत दो लेकिन जो फिल्में हम खुद करते है उनको कम से कम सम्मान तो दो। झूठे और में मन गढ़ंत दुष्प्रचार मत करो।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अब उम्मीद है बिहारी शब्द को गाली की नहीं गर्व का समझेंगे

‌‌"वीर कुंवर सिंह, शेर शाह ने बाजी कभी न हारी बंजर में भी फूल खिला दे है वो सच्चा बिहारी" ये पंक्तियाॅं गलवान घाटी में 15 और 16 जून की रात में बिहार रेजिमेंट के 20 जवानों पर काफी सटीक बैठती है जो चीनी सेना के साथ लड़ाई में मारते मारते शहीद हो गए जिनकी उम्र महज 19 से 23 साल की थी। और धन्य हैं ऐसे पिता जिसके एक बेटे की लाश सामने है और अपने दो और बेटो की फौज में भेजने को बोल रहा हो। आज बिहारी शब्द पश्चिम उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा आदि राज्यों में एक गाली कि तरह बन गया जिसे बोलकर लोग दूसरे को नीचा दिखाते हैं। हरियाणा में तो एक गाना भी तैयार हुआ है कि मेरे से व्याह कर ले कितने घने बिहारी मेरे अंदर काम करते हैं। आखिर आजादी से लेकर अब तक बिहार बाकी राज्यों से कहाँ पीछे रह गया कि अपने आप को विकसित कहने वाले राज्य के लोग बिहारी एक गाली के रूप में प्रयोग करने लगे। बिहार की अधिकतर जनसंख्या द्वारा बोली जाने वाली भाषा भोजपुरी को यदि कोई बिहार का नागरिक किसी महानगर में बोलता है तो वहाॅं के लोग उसे हीन भावना से देखते हैं, लेकिन ऐसे तो अब वो भी दिन दूर नहीं जब अंग्रेजी बोलने वा...

यूपी पश्चिम के जिले

 पश्चिम का सबसे बड़ा जिला बलिया हैं। चंद्र वीर सिंह फौजी जिला हाथरस तेलंगाना के रहने वाले हैं।

आखिर क्या है मोदी जी का नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से नेशन हेल्थ मिशन की घोषणा करते हुए कहा कि "ये देश एक नए दौर का साक्षी बनने वाला है और नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन स्वास्थ के क्षेत्र में एक क्रान्ति लकें आएगा"। इसकी तैयारी काफी पहले से ही चल रही थी। इसका बजट लगभग 144 करोड़ रुपये है। स्वास्थ राज्यमन्त्री अश्विनी चौबे ने बताया कि " आपके स्वास्थ संबंधी सारी जानकारी एक id के रूप में तैयार किया जाएगा। हमारी सरकार की ये प्राथमिकता है की स्वास्थ की सुविधा देश के हर व्यक्ति तक पहुंचें। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत  अपको एक 14 अंकों का कार्ड दिया जाएगा जिसका नम्बर सबके के लिए अलग अलग होगा। इस कार्ड में आपकी स्वास्थ संबंधी सारी जानकारी जानकारी मौजूद होगी। जैसे अपने आज तक कहाँ-कहाँ  और किस-किस डॉक्टर से इलाज कराया और क्या-क्या दवाईयां दी गई कौन-कौन से जाँच हुए किस प्रकार की सर्जरी हुई हैं। ऐसी अनेक प्रकार की आपके स्वस्थ से संबंधित जानकारी का संकलन होगा। जिससे जब आप किसी डॉक्टर के पास जाएंगे तो इस कार्ड के माध्यम से आपका इलाज कम समय के साथ कम खर्च में अच्छी स्वस्थ सुविधा मिलेगी। ऐसा...