"वीर कुंवर सिंह, शेर शाह ने बाजी कभी न हारी बंजर में भी फूल खिला दे है वो सच्चा बिहारी" ये पंक्तियाॅं गलवान घाटी में 15 और 16 जून की रात में बिहार रेजिमेंट के 20 जवानों पर काफी सटीक बैठती है जो चीनी सेना के साथ लड़ाई में मारते मारते शहीद हो गए जिनकी उम्र महज 19 से 23 साल की थी। और धन्य हैं ऐसे पिता जिसके एक बेटे की लाश सामने है और अपने दो और बेटो की फौज में भेजने को बोल रहा हो। आज बिहारी शब्द पश्चिम उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा आदि राज्यों में एक गाली कि तरह बन गया जिसे बोलकर लोग दूसरे को नीचा दिखाते हैं। हरियाणा में तो एक गाना भी तैयार हुआ है कि मेरे से व्याह कर ले कितने घने बिहारी मेरे अंदर काम करते हैं। आखिर आजादी से लेकर अब तक बिहार बाकी राज्यों से कहाँ पीछे रह गया कि अपने आप को विकसित कहने वाले राज्य के लोग बिहारी एक गाली के रूप में प्रयोग करने लगे। बिहार की अधिकतर जनसंख्या द्वारा बोली जाने वाली भाषा भोजपुरी को यदि कोई बिहार का नागरिक किसी महानगर में बोलता है तो वहाॅं के लोग उसे हीन भावना से देखते हैं, लेकिन ऐसे तो अब वो भी दिन दूर नहीं जब अंग्रेजी बोलने वा...
अपने देश में बढ़ते कोरोना मरीजों की संख्या रुक नहीं रही हैं। जहाॅं पिछले 24 घंटे में 11,000 से अधिक रिकॉर्ड कोरोना मरीज मिले है तो वहीं सरकार पर अब कोरोना के आंकड़ों में घाल मेल करने के आरोप भी लगने शुरू हो गए है। लाख छुपाओ छुप न सकेगा, राज है इतना गहरा दैनिक भास्कर के अपने लिखे लेख में योगेन्द्र यादव ने ये दावा किया है कि सरकार कोरोना के आंकड़ों को बहुत बड़े पैमाने पर छुपाने कि कोशिश कर रही है। योगेन्द्र यादव ने पहले सरकारी आंकड़ों से बताया कि अभी 3 लाख से ज्यादा कोरोना केसेस भारत में है जो हर 16 दिन में दुगनी हो रही है। अगर ये रफ्तार जारी रहा तो 15 अगस्त तक 40 से 50 लाख तक कुल मामले बढ़कर हो जाएंगे और रफ्तार में थोड़ी कमी भी आई तो भी अक्टूबर में ये संख्या 2 करोड़ के ऊपर होगा। योगेन्द्र यादव ने बताया कि प्रमुख वैज्ञानिकों का एक समूह इंडियन साइंटिस्ट रेस्पॉन्स टू कोविड-19 (INDSCICOV) के मुताबिक ये आंकड़ा 20 से 30 गुना ज्यादा कम दिखाया जा रहा है। वास्तविक कोरोना संक्रमित मरीज 1 करोड़ से ऊपर हो सकते है। सिर्फ़ इतना ही नहीं योगेन्द्र यादव ने बताया कि ICMR के सर्वे...
image not copyright आज कल भारत में #boycottchina खूब चल रहा है मतलब चीन से माल खरीदना कम करो पर क्या वास्तव में ये मुमकिन हैं? क्योंकि एक तरफ हम देख रहे कि ट्विटर और फेसबुक पर #boycottchina ट्रेंड कर रहा है वही दूसरी तरफ हमारी ई-कॉमर्स वेबसाइट और इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर चीनी फोन आते ही मिनटो में बिक जा रहे हैं। कही न कही ये बात हमारी जनता को खलती भी है कि हम स्मार्टफोन के मामले में चीन पर इतना क्यो निर्भर है। आज के समय मे चीनी स्मार्टफोन जैसे शिओमी, वीवो, ओप्पो ये भारतीय स्मार्टफोन बाजार के 72% मार्केट पर कब्जा की है बाकी के फोन के पास केवल 28% शेयर बचा है। कही न कही इसकी वजह यह की एक बजट फोन में किसी आम आदमी को जो चाहिए होता है वो सारी खूबिया इसमे मिल जाती है तो आप कैसे उस छोटे कामगार को कह सकते है जो कई महीनों तक काम करके 10 से 12 हजार बचा के यह फोन खरीदता है की तुम देशभक्ति दिखाओ और 6 हजार मिला कर कोई और कंपनी का फोन खरीदो चीनी फोन मत खरीदो क्योंकि ये लोग बॉर्डर पर तनाव उत्पन्न करते है। यह एक बहुत ही कड़ाव सच है की चीनी फोन का हमारी समार्टफोन उद्योग में जो वर्चस्व है वो इ...
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